एय मेरे दिल क्या तू भी किसी से प्यार नही करेगा ?
हम ने जिन की चाहत में दफन कर कर दिए दिल के सारे अरमान !!
बो अब हमे ऐसे देखकर निकल जाते है जैसे हम हो गए है अनजान !
मेरी खता ये थी के मेने उनसे दिल से दिल लगा लिया !!
इसी लिए मेरी मोहब्बत ने मुझको ये सिला दिया !
लोगो को प्यार करते देखकर मेरे अंदर में भी कुछ कुछ होता है !!
लेकिन दिल कहता है ना कर प्यार ब्यार ये सिर्फ नज़रो का दोखा है !
खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं ।
*जिसे भी देखो परेशान बहुत है ।।*
*करीब से देखा तो निकला रेत का घर ।
*मगर दूर से इसकी शान बहुत है ।।*
*कहते हैं सच का कोई मुकाबला नहीं ।*
*मगर आज झूठ की पहचान बहुत है ।।*
*मुश्किल से मिलता है शहर में आदमी ।*
*यूं तो कहने को इन्सान बहुत हैं ।।*
*कुछ बोलने और तोड़ने में केवल एक पल लगता है*
*जबकि बनाने और मनाने में पूरा जीवन लग जाता है।*
*प्रेम सदा माफ़ी माँगना पसंद करता है,*
और
*अहंकार सदा माफ़ी सुनना पसंद करता है।।*
बिकती है ना ख़ुशी कहीं, ना कहीं गम बिकता है
. लोग गलतफहमी में हैं, कि शायद कहीं मरहम बिकता है..
नींद आए या ना आए, चिराग बुझा दिया करो, यूँ रात भर किसी का जलना, हमसे देखा नहीं जाता....!!!!
हुकुमत वो ही करता है जिसका दिलो पर राज हो...!! वरना यूँ तो गली के मुर्गो के सर पे भी ताज होता है...!!
इश्क ओर दोस्ती मेरे दो जहान है,इश्क मेरी रुह, तो दोस्ती मेरा ईमान है,इश्क पर तो फिदा करदु अपनी पुरी जिंदगी,पर दोस्ती पर, मेरा इश्क भी कुर्बान है!!!!
हो चुके अब तुम कि
कभी मेरी ज़िंदगी थे तुम;
भूलता है कौन मोहब्बत पहली;
मेरी तो सारी ख़ुशी थे तुम।



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