-:प्यार भरी दो लाइन :-
तेरे ज़ुल्मो सितम को यु ही सहेंगे ! !
एय ज़माने हम तुझ से कुछ ना कहेंगेबस हमारी मुहब्बत को यु जुदा ना कर , हम बेबस है हम को यु रुसबा ना कर !
दिल दिया है हमने जान भी हम देंगे
हम अपनी मुहब्बात का इम्तहान भी देंगे !!
ज़माना चाहे जितनी कोशिश कर ले
हम ने एक दुझे से प्यार किया है हम एक दूजे के ही रहेंगे !,
जुदा होने से अच्छा है के हम मौत को गले लगा लेंगे !!
चाहे बन जाए दुश्मन सारा जमाना फिर भी हम ना मुहब्बत में दगा देंगे !
प्यार करने बालो के जोड़े खुद खुदा आशमान से बनाता है !!
तो फिर क्यों ये सारा ज़माना प्यार करने बालो का दुश्मन बन जाता है !
एय प्यार तू मेरी किश्मत में तो नही पर तू होता बड़ा प्यारा है !!
जिश किसी को तू होता है उसे मिल जाता दरिया का किनारा है !

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