धुंए के साथ ज़िन्दगी काटने को मजबूर गरीब - मस्त मस्त हिंदी कहानियाँ

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बुधवार, 21 दिसंबर 2016

धुंए के साथ ज़िन्दगी काटने को मजबूर गरीब



धुंए से ज़िन्दगी को काटने पर मजबूर मजदूर....।
दोस्तों हम देखते है कि कई लोगो के पास बेसुमार पैसा होने पर बो अपनी खुआइसो को पूरा करने में लगे रहते है यहां से बहाँ जाना घूमना । जो मन में आये बो करना गरीबो की हसरतो के साथ खेलना । और हम खुद देखते है कि कई लोग अपनी जिंदगी को सफल बनाने के लिए ना जाने कितने बेगुनाहो की जिंदगी को मौत के मुह में डाहकेल देते है । जैसे की गरीबो की को नशे की आदत में मुब्तला (लगा) कर उन्हें नसे का आदि बना दिया जाता है फिर बो उस नसे का आदि हो जाता है और फिर बो अपने दोस्तों को और बो दुसरो को । इन से उनका ब्यपार तो चलता है लेकिन  उन गरीबो की ज़िंदगी का क्या हाल होता है कभी ये उस बात पर गौर नही करते । ज़िन्दगी का हर लम्हा उन के लिए मौत से बदतर होता चला जाता है । खूब अच्छी तरहा मालूम होने के बाबजूद भी ।  क्यों किसी की ज़िंदगी को नर्क बनाते है ये ? 
गरीब की ज़िंदगी ऐसी है के रातो को बहार सो रहा है सर्दी पड़ रही है हर लम्हे अपनी मौत का इंतज़ार करता है । क्यों की उसे अपना सर छुपाने के लिए कोई जरिया नही है अपना तन छुपाने के लिए बदन पर कपडा नही है करे तो क्या करे ? उस बक्त उस के दिमाक में एक ही बात आती है के कास में पैदा ही नही हुआ होता । मेरी भी कोई जिंदगी है ? हर लम्हा बड़ी कठनाइयों के साथ गुजरता है सोचो अगर इन की थोड़ी सी मदत हो जाये तो ये बेचारे भी अपना जीबन खुसी के साथ बिता सकते है । तो भाइयो गरीबो पर दया करो और उनकी तकलीफों को समझो । क्यों की उनका भी जीने का हक़ इस धरती पर । अपने सुआर्थ के लिए किसी की भाबनाओ के साथ ना खेलो । 

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