दोस्तो एक कहाबत तो आप ने खूब सुनी होगी ..
"के मत सता किसी गरीब को
ये गरीब रो देगा ...!!
और गरीब की सुन ली उसके रब ने
तो तू अपनी हस्ती खो देगा !"
एक ऐसी कहानी के बारे में मैं आपको बताने जा रहा हु जिस में एक इंसान अपनी ताकत से गरीब पर अत्याचार करता है...
एक दी बह नदी के किनारे रोजाना की तरह मछली पकड़ने आया और बो उस दिन बहुत उदास था क्यो की उसके घर मे कुछ भी खाने को नही था !
पिछले कुछ रोज से उसे के जाल में मछली नही आ रही थी और आज भी ऐसा ही हुआ के
उसे मछली पकड़ते पकड़ते साम हो गई लेकिन एक भी मछली नही आई ।
उसने आखरी बार जाल फेका और सोचा के अब अगर मछली नही आई तो में घर चला
जाऊंगा सायद रोजाना की तरह आज भी मेरी किस्मत कुछ भी नही लिखा है ।
उसने जब जाल खींचा तो देखा के एक मोटी ताजा मछली जाल में फसी हुई है
बो खुसी खुसी उसे निकाल रहा था तभी एक ब्यक्ति जो बहाँ खड़ा था उसकी नजर उस
पर पड़ी और अपनी ताखत का जोर उस पर दिखाते हुए उस मछली को खुसा लिया
मछबारा चिल्लाता रहा के भाईसाब मेरे बच्चे भूखे है उन्होंने कई दिनों से
कुछ नही खाया है क्रप्या कर के ऐसा ना करो बड़ी मेहनत से एक मछली आई है इसे
मुझे दे बापस दे दो ..
बो आदमी उस मछबारा को धक्का देकर आगे चल दिया और उसे मछली नही दी बोला के इसे अब में खाऊंगा ।
बो उसे लेकर जा रहा तभी मछली ने उस जालिम आदमी का हाथ का अंघुठा जरा सा काट लिया
और उस आदमी ने चटपटा कर बह मछली फेक दी मछली बापस पानी मे चली गई ।
डाक्टर ने घाब को देखा और कहा के मामूली सा घाब है दबा लगा देता हूं ठीक हो जाएगा ।
डाक्टर ने उनके पट्टी कर दी ..
कुछ दिनों बाद बह आदमी बापस आया और बोला के डॉक्टर सहाब इस मे दर्द कम नही पड़ रहा बल्कि जोरो से बढ़ता चला जा रहा है
डॉक्टर ने घाब देखा तो बोला के घाब बढ़ गया है अंघुठा काटना पड़ेगा
उसने कहा डाक्टर सहाब दर्द सही होना चाहिए आप अंघुठा काट दो ...
डॉक्टर ने अंघुथा काट दिया और पट्टी कर दी ...
फिर कुछ दिनों बाद बह आदमी बापस आया और बोला के डॉक्टर सहाब दर्द फिर से
बढ़ता चला जा रहा है डाक्टर ने हाथ देखा तो बोला के इंफेक्शन फेल रहा है हाथ
का पंजा काटना पड़ेगा ..
डॉक्टर ने हाथ का पंजा काट दिया । और कुछ बाद फिर दर्द हुआ तो डॉक्टर ने
हाथ को कोहनी से काट दिया लेकिन घाब बजाय सही होने के बढ़ता चला जा रहा है ।
किसी की कुछ समझ मे नही आ रहा था के आखिर ये हो क्या रहा है ।
तभी किसी बुजुर्ग ने कहा के तूने किसी गरीब को तो नही सताया
तभी किसी बुजुर्ग ने कहा के तूने किसी गरीब को तो नही सताया
किसी का हक तो नही छीना ...
उस आदमी ने सोचा और बोला के
जो ये बीमारी सिरु हुई है ये एक मछली से सिरु हुई है और मछली एक मजलूम इंसान की थी गरीब इंसान की थी ..
तो उससे कहा के जाओ उस से माफी मानगो क्यो की ये उसी की बद्दुआ का नतीजा है ।
अब बह आदमी उसे ढूढता हुआ इधर उधर घूम रहा था
और बह उसे ढूंढता हुआ बही नदी किनारे पहुच गया और देखा कि बह मछबारा बहाँ मछली पकड़ रहा था ।
मछबारे ने बोला के कोई बात नही भाई जब में घर जा रहा था मुझे रास्ते मे एक
अशर्फियों से भरा हुआ तैला मिला था जिस से मैन अपने घर खर्च चला लिया था ।
तो जालिम बोला के भाई इतना बता दे तूने उस दिन मुह आसमान की तरफ कर के ऊपर बाले से क्या बोला था ...
तो मछबारा बोला के मेने बोला के " या खुदा इसने मुझे अपनी ताखत दिखाई है तू इसे अपनी ताखत दिखा दे...
तो दोस्तो आप समझ गए होंगे के ऊपर बाले की लाठी में आबाज नही होती लेकिन जब
पड़ती है ना तो इतनी जोर से पड़ती है के दुनिया की कोई ताखत उसे नही बचा
सकती ।
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