कोई भी पेट से गरीब नही आता .. सहाब../ गरीबी बुरी नही होती हिम्मत हारने बाले बुरे होते है / No one comes from the stomach poor .. Sahab ../ Poverty is not bad, those who lose courage are bad - मस्त मस्त हिंदी कहानियाँ

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शनिवार, 26 सितंबर 2020

कोई भी पेट से गरीब नही आता .. सहाब../ गरीबी बुरी नही होती हिम्मत हारने बाले बुरे होते है / No one comes from the stomach poor .. Sahab ../ Poverty is not bad, those who lose courage are bad

 💆 जब एक अमीर ने गरीब से किया साबाल  👲



देश में कितने ही गरीब होंगे जो की गरीब है फिर भी अपनी ज़िन्दगी से खुस है । हम खुद ही देखते है की एक तरफ एक गरीब है जो की सौ रूपये रोज कुमाता है । और एक तरफ एक अमीर है जो की पांच हजार रूपये रोज कुमाता है  पर इस की जिंदगी में चैन नही है  । 

 आज ऐसी एक कहानी है की एक  अमीर आदमी अपनी इस इस मुख़्तसर सी ज़िन्दगी में इतना बिज़ी हो गया कि वो दो लम्हे भी अपने परिवार के साथ मिलकर नही गुजार रहा था वो जब भी अपने घर में आता तो सिर्फ कंपनी को बड़ाने की फिक्र मे रहता था  !  ऎसा कोई भी दिन नही जाता के उस के घर में कोई लड़ाई झगड़ा  नहीं होती हो  ! और वह पैसा कमाने में इतना इतना खो गया के दिन भर अपने  रुपयों को बड़ाने मे लगा रहता था!  रात को नींद नहीं आती थी और वह सोने के लिए नीद की गोलियों का सेवन करता था !  

और उस के घर के सामने एक घर था जो कि एक गरीब परिवार था का था पर उस के घर  में हमेसा खुसी रहता था । बह एक साईकिल रिक्सा जिसे की पेडल रिक्सा भी कहते है उसे चलाता था और दिन भर मेहनत करने के बाद 100 या 150 रूपये कुमाता था । जिसे की बह खाना और जरुरी सामान ले आता और बचे हुए पैसो को जोड़ने के लिए रख देता । उन का ऐसा मामूल था जैसे रोजाना कुआ कखोदना और रोजाना पानी पीना । पर बो अपनी इस जिंदगी से खुस थे उस की बीबी भी बेचारी सब्र बाली थी जो की इस गरीबी की जिंदगी में भी कोई शिकायत नही करती थी । और उस अमीर आदमी की जिंदगी एक टेंसन में गुजर रही थी मॉल को बढ़ाने के चक्कर में । पर अमीर आदमी जब भी घर से बहार जाता तो बो उस गरीब के घर की तरफ जरूर देखता और सोचता के मै जितना एक दिन में  कुमाता हु उतना ये एक महीने में भी नही कुमाता तो इस के जीबन ममें इतनी खुसी कैसे है । बो इतना सोच कर ऑफिश के लिए रबाना हो जाता । एक दिन बो ऑफिश से आ रहा के राश्ते में देखता है के बो गरीब  आदमी अपने रिक्शे में आराम से लेट रहा था एक पेड़ के नीचे  । फिर बो गरीब  के पास जाकर कहता है के भाई आप इतना कम कुमाते हो पर हर लम्हे को खुल कर जीते हो । और हमेशा आप के घर में एक खुसी सी रहती है। आप को इतना कम पैसे का टेंसन नही होता क्या आप की रात को नींद  में आ जाती है इतने कम खुशियो के साथ । तो फिर उस गारीब ने कहा साहेब हमारे पास एक बहुत बड़ी चीज़ होती है जो की आपके पास नही होती और बो चीज़ है सब्र । मुझे मेरे रिक्शे से अगर सौ रूपये भी मिल जाते है तो मे उस पर सब्र करता हु ना की उन्हें और ज्यादा करने के लिए टेंसन करने लगता हु । दिन के हर लम्हे को एक खुसी के साथ बिताता हु । में आधा बक्त मेरे रोजगार की तलाश में और आधा बक्त अपने परिबार के साथ बिताता हु । जो कुछ मिल जाता है उसे अपने परिबार की खुसी के लिए खर्च करता हु और कुछ अगर बच भी जाता है तो उसे जोड़ लेते है । यदि मुझे कभी किसी दिन थोड़ी मात्रा में रूपये कुमाये जाते है तो में टेंसन नही करता क्यों की  किसी बड़े बुजुर्ग ने जो कहा है बो सही कहा है " के बक्त से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को नही मिलता " में भी इसी बात पर बिश्बास करता हु । मै सिर्फ आज की फ़िक्र करता हु कल की कल देखा जायेगा मेरे मन में ये बिचार रहते है । और रही बात नींद की तो ना ही तो मेरे पास इतना धन है जिस के चोरी हो जाने का डर हो और ना ही मेरे पास इतने ब्यपार है जिसमे नुक्सान होने का डर हो तो मेरी नींद कहा जायेगी । मै हमेशा खुस रहता हु । तो अमीर आदमी ये बात सुन कर आँखो में आँशु ले आया । और फिर उस को अपना हाल मालूम हुआ  । फिर उस ने अपना काम का तरीका बदल डाला और फिर बो अपने बक्त में से कुछ बक्त अपने परिबार को देने लगा और बह अपने काम में भी बदलाव करने लगा तो बाकई उस के जीबन ने खुसी आने लगी जब की बी अब पांच हजार की जगह एक हजार कुमाने लगा पर हर लम्हा एक प्यार भरी ज़िन्दगी के साथ बीतने लगा । फिर उस की मुलाक़ात उस गरीब से हुई तो उसने उस को बोला की अबतक तो मै अपने बक्त को काट रहा था लेकिन जीना तो तुझी ने सिखाया मुझे । क्या है जिंदगी तूने मुझे बताया   । और फिर उसने उस गरीब आदमी को धन्यबाद बोला । उसने उस गरीब आदमी को कुछ पैसे भी देना चाहे लेकिब उस गरीब आदमी ने लेने से मना कर दिया और  उसने कहा के मेने तुझे क्या दिया है जो में आपसे पैसे लू ? मेने तो आपको सिर्फ मेरी ज़िन्दगी की कहानी आपको बताई है अगर इससे आपको कुछ समझ में आया है तो बहुत अच्छी बात है। इतना कह कर दोनों अपने कम पर चले जाते है ।

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