जिंदगी में लोग गिराने बाले बहुत मिल जाते लेकिन कोई उठाने बाला नही मिलता । ये सच है दोस्त के अगर आपको मंज़िल तक पहुचना है कामयाबी के शिखर को पाना है तो दूसरों की सुन्ना छोड़ दे और मंज़िल की तरफ बढ़ता जा लोग तेरे साथ है या नही इस से कोई फर्क नही पड़ता क्यो की मुसीबत में आदमी अकेला होता है सफल होने पर तो पीछे काफिला आ जाता है ।
एक छोटी सी कहानी
एक गाँव मे दो छोटे छोटे कम उम्र बालाक दोस्त थे जिनकी उम्र तकरीबन 10 से 15 साल की थी बस दोनों हर काम को साथ ही अंजाम दिया करते । एक दिन बो दोनों एक खेत मे खेल रहे थे खेत के अंदर एक छोटा सा कुआ था जिस की गहराई 10 से 12 फिट थी दोनों उसी कुए के पास खेल रहे थे के खेलते खेलते एक बंदे का जिस की उम्र 15 साल की थी बो पानी के कुए मे गिर गया
। तभी उसका दूसरा दोस्त मदत के लिए चिल्लाने लगा लेकिन दूर दूर तक कोई दिखाई नही दे रहा था । अब उसका दोस्त जो कुए के बहार था इधर उधर भागा लेकिन कोई दूसरा ब्यक्ति बहाँ नही था और बो कुए में छटपटा रहा था अब आप बी 10 साल का दोस्त जो कुए से पंद्रह था उसने समझ लिया के कोई दूसरा मदत के लिए आएगा नही मुझे ही कुछ करना होगा तो बो इधर उधर कुछ ढूढने लगा और उसे एक रस्सी और बाल्टी दिखी तो उसने बो बाल्टी रस्सी से बांध कर कुए में डाली और अपने दोस्त को उसे पकड़ने को कहा उसने उसे पकड़ा अब भगर बाले दोस्त ने पूरी ताखत से उस रस्सी को खींचा और पूरी जान लगा कर मेहनत की तो उसने उस ना मुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया जो एक दम असम्भाब था उस दस साल के दोस्त ने उस बारह साल के दोस्त को कुए से बहार निकाल लिया । और इस तरीके से उसने उस की जान बचाई । अब दोनों घर गए ये बात उन्होंने अपने घर बालो को बताई तो उनके घर बाले उन पर हसने लगे
"के ये दस साल का बच्चा एक पंद्रह साल के बच्चे को कैसे कुए से निकाल सकता जिस से एक बाल्टी पानी भी कुए से नही निकल सकता "
किसी ने उनकी बात का यकीन नही किया तो उसी गांव में एक समझधार बूढा ब्यक्ति भी था तो उसने उनकी इस बात को बड़े ही गौर से सुना तो बो बोला के ये सच कह रहे है इस दस साल के बच्चे ने इस पंद्र साल के बच्चे को बचाया है ।
तो लोगों ने कहा के बाबा ये कैसे मुमकिन हो सकता है
तो बाबा बोला ऐसे मुमकिन हो सकता है के जिस जगह ये बच्चा पानी मे गिरा था बन्हा कोई नही था जो इस बच्चे से ये कहता के तू नही कर पायेगा , तुझ से नही होगा , तू कुछ नही कर सकता !
जब किसी ने इस से ये बात नही कही तो इसके अंदर छुपे मन ने कहा भाई अब मदत करने बाला कोई नही है ये काम तुझे अखले को ही करना होगा !
तुझे ही इसे बचाना होगा और फिर इस बच्चे ने अपने आप बिसबास किया और इसे बहार निकाला !
अब बात आती है हमारी अगर हम जिंदगी में कामयाब होना है तो दूसरों की सुन्ना बंद करो और अपने लक्छ पर हमेसा फोकश रखो और ये बात याद रखे के लोग जो बोलते रहे बोले में तो करूँगा क्यो की इस भीड़ में मेरा कोई भी साथ देने बाला नही है ।
रविवार, 1 नवंबर 2020
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ये कहानी आपको कामयाब कर देगा / दो दोस्त बच्चो की जबरदस्त motivational कहानी
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