अगर आप भी "A" "B" और "O" ब्लड बाले ही तो , जाने कौनसा ब्लड ग्रुप ज्यादा खतरनाक है और कौनसा सही ! - मस्त मस्त हिंदी कहानियाँ

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शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

अगर आप भी "A" "B" और "O" ब्लड बाले ही तो , जाने कौनसा ब्लड ग्रुप ज्यादा खतरनाक है और कौनसा सही !


किसी की जान बचाने से बड़ा पुण्य कोई नहीं हो सकता
ब्लड को कोई लेब में बनाया तो नहीं जा सकता और ना ही इसका कोई विकल्प है इसलिए रक्तदान बहुत जरूर हो जाता है आज के इस स्टोरी हम जानेंगे कि क्या है रक्तदान संबंधित जानकारी डोनेशन का प्रोसेस क्या है कौन कर सकता है ब्लड डोनेट?
ब्लड डोनेट के फायदे क्या हैं?
ब्लड डोनेट में क्या सावधानी रखें?
ब्लड डोनेट संबंधित सामान्य ब्रह्म क्या है क्या है?
जैसे बहुत से प्रश्नों के उत्तर और उनके जवाब बताएंगे
क्रप्या पूरी जानकारी के लिए पूरी कहानी को पड़े ।
तो आइए जानते हैं  ब्लड डोनेशन की पूरी स्टोरी
दरअसल ब्लड को  आप  A , B  और O और AB चार ग्रुप में बांट सकते हैं इन सभी में
प्लस(+) माइनस ( - )
होता है इनके इलाबा
के सब ग्रुप बी होते है जैसे


= बॉम्बे ब्लड ग्रुप
ए 1
,ए2
एएक्स
एएल
,के आम नही होते और इन्हें रॉल ब्लड ग्रुप कहा जाता है । वैसे ग्रुप को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है यह सभी लोगों को चढ़ाया जा सकता है अगर इमरजेंसी है और ब्लड ग्रुप का आरएच फैक्टर जानने जानने का टाइम नहीं है तो इस ब्लड ग्रुप को चढ़ा सकते हैं इसे से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता  अधिकतर सेम ब्लड ग्रुप ही चढ़ाया जाता है लेकिन जरूरी नहीं है कि सेम ब्लड ग्रुप ही चढ़ाया जाए डॉक्टर्स मैचिंग करने के बाद ही पता लगाते हैं कि ब्लड ग्रुप चलाने लायक है या नहीं ।इसके इसके  इलाबा दो ब्लड बेक होते हैं 350ml का और दूसरा 450ml का जिनका वजन 55 किलो से कम है उनका 350ml लेते हैं
और इनसे  ऊपर बजन वालों को 450ml रक्त लेते है । रक्तदान करके हम तीन जिंदगियां बचाते हैं बाकी आपके ब्लड में
प्लेट्स आरबीसी
और प्लाज्मा में होते हैं जो तीन लोगों के काम आते हैं एक बात और आपको ध्यान रखनी है कि ब्लड बैंक से पैसे देकर ब्लड नहीं लिया जा सकता सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेशनल डोनर को 1998 में ही बैन कर दिया कर दिया बैन कर दिया था और अब ब्लड के बदले ही ब्लड दिया जा सकता है मजबूरी में बना डोनर के भी स्वस्तिक संस्थाएं बिना डोनर की भी ब्लड देती है  उनके पास अच्छा स्टॉक और ब्लड देने वाले लोगों का डाटा होता है इसके अलावा अगर मरीज सरकारी अस्पताल में है और इमरजेंसी भी है तो ब्लड फ्री में मिल सकता है कुछ ब्लड बैंक थैलेसीमिया और थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसे मरीजों को भी फ्री में ब्लड देती है
आइए जानते हैं रक्तदान का प्रोसेस क्या है
रक्तदान करने के लिए डोनर को हॉस्पिटल ब्लड बैंक या जहां कैंप लगा हुआ ब्लड कैंप लगा हुआ ब्लड ब्लड देने की अनुमति लेनी पड़ती है वैसे आप कोई ख्याल रखना चाहिए कि मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक को ही ब्लड दे। इसकी पहचान उनके फॉर्म पर लिखे लाइसेंस नंबर से की जा सकती है
इसके इलाबा
  naco.gov.in
इस वेबसाइट से भी आप मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक का पता लगा सकते हैं रक्तदान करते वक्त डोनर को एक फॉर्म दिया जाता है जिस पर उसकी मेडिकल हिस्ट्री संयुक्त सवाल होते हैं डोनर को इसमें सही जानकारी लिखनी होती है यह ब्लड लेने और देने वाले की सेफ्टी के लिए जरूरी है मरीज को यह भी बताना जरूरी है की उस ने कौन-कौन सी दवाई खाई हैं जैसे ब्लड प्रेशर और हार्मोन की की दवाई तो नहीं ले रहे नही तो आप ब्लड नही दे सकते हैं इसी तरह एंटीबायोटिक का कोर्स किया हो या  डिस्प्रिन का कोर्स किया हो । फॉर्म जमा होने के बाद मरीज के ब्लड प्रेशर पल्स बगैरा चेक किया जाता है किया जाता है चेक किया जाता है किया जाता है अगर सब कुछ सही है तो हीमोग्लोबिन चेक करके ब्लड लेते ब्लड लेते सही है तो हीमोग्लोबिन चेक करके ब्लड लेते ब्लड लेते हैं अगर हिमोग्लोबिन 12:30 से ज्यादा से ज्यादा है तो उस को बेड पर लिटा कर उसके ब्लड लेना शुरू कर दिया जाता है और बेग भरने में आमतौर से 5 से 7 से 7 मिनट लगते हैं ब्लड लेने के बाद डोनर को जूस को जूस और कुछ खाने को दिया जाता है करीब 10 मिनट के आराम के बाद डोनर घर जा सकता है
आइए बात करते हैं कि ब्लड डोनेट की की कौन सी जांच
होती है
दरअसल ब्लड लेने के बाद ब्लड डोनर की पांच बीमारी की जांच होना बहुत जरूरी है और यह मुफ्त में ब्लड बैंक वाले करते हैं करते हैं,
1 हेपेटाइटिस बी
2 हेपेटाइटिस सी
3 एचआईवी
4 सिफलिस
5 मलेरिया
बीमारियों में से किसी एक का भी लक्षण  पाए जाने पर डोनर से ब्लड नहीं लिया जाता है उसे फिर बीमारी की जानकारी दी जाती है
अगर किसी के ब्लड में एचआईवी पॉजिटिव निकल आता है  तो उसे उसकी जानकारी दी जाती है फिर अस्पताल को से  उसका इलाज होता है

आइए अब जानते हैं कि कौन नहीं कर सकता ब्लड डोनेशन
ऐसे लोग जिनकी उम्र 18 साल से कम है
ऐसे लोग जिनके बजन 45 किलो से कम है
ऐसे लोग जिनका हिमोग्लोबिन 12:30%  से कम है
और ऐसे लोग जिन्हें कैंसर
ब्रेन लांस जैसी बीमारी हो
इसके अलावा ऐसे शुगर के पेशेंट जो इंसुलिन ले रहे हो,
इसके अलावा ऐसे लोग जिन्हें ब्लड चढ़े हुए 1 साल हुआ हो तो किसी को ब्लड नहीं दे सकते क्योंकि उनकी बीमारी ट्रांसफर होने का खतरा देती है, इसी तरह प्रेग्नेंट और दूध पिलाने वाली महिलाओं का भी ब्लड नहीं लिया नहीं लिया जाता
जिनको रेबीज इंजेक्शन लगे हुए पूरे 1 साल नहीं हुआ हो वह भी ब्लड नहीं दे सकते


आइए अब जानते है कब  कर सकते है ब्लड डोनेशन

1 साल में तीन बार ब्लड डोनेशन कर सकते हैं
खाली ब्लैक लिस्ट  48 घंटे ब्लड डोनेशन कर सकते हैं खली प्लाज्मा 48 घंटे में भी ब्लड डोनेशन कर सकते हैं

आइए जानते हैं डोनेशन से पहले हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

डोनेशन से पहले रात को पूरी नींद लेनी चाहिए
अच्छी तरह से खाना चाहिए और प्रोटीन से भरपूर चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए
खाली पेट ब्लड नहीं दे सकते
खाने के 1 घंटे बाद ब्लड दे सकते हैं
खाने के तुरंत बाद भी ब्लड नहीं दे सकते
यह जरूरी है कि स्मोकिंग से 2 घंटे पहले स्मोकिंग के 6 घंटे बाद ब्लड ना दे
ड्रिंक करने  के 24 घंटे के बाद आपको ब्लड डोनेशन  करना चाहिए उससे पहले नहीं करना चाहिए

अब जानते है ब्लड डोनेशन के फायदे के बारे में
बार-बार ब्लड डोनेशन करने से हमारा खून पतला होता है जिससे हमारे फैट प्रॉब्लम भी खत्म होती है और हमारा खून साफ भी होता है बीमारी से हमारी हिफ़ात भी होती है रेगुलर रक्तदान करने से कैंसर की बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है और दिल की बीमारियां भी खत्म हो जाती हैं ब्लड डोनेशन करने से शरीर में नया खून बनता है इससे शरीर में ताजगी और स्फूर्ति पैदा होती है
आई जानते ब्लड डोनेशन में आपको कौन सी सावधानी रखनी चाहिए


जैसे आपको कभी अगर ब्लड की जरूरत पड़े तो हमेशा लाइसेंस वाले ब्लड बैंक से ही ब्लड ले  ।
ब्लड बैंक पर लिखी एक्सपायरी डेट और बाकी डेट लिखी हुई जरूर देख ले। ब्लड वाले को साफ हाथों से छूट पाइप से ब्लड चढ़ाया जा रहा है तो ये ध्यान रखे उस पाइप के अंदर हवा तो नहीं है अगर उसके अंदर थोड़ी सी भी हवा चले गई तो हार्टअटैक आ सकता है जिस से जान भी जा सकती है
पंचम की वैभव को ज्यादा से ज्यादा 6 घंटे के अंदर चलाना जरूरी होता है
ब्लड संबंधी कुछ सामान्य ब्रह्म के बारे में
* ब्लड डोनेशन करने से रियेक्सन होता है
* बार बार ब्लड देने से एनिमेनिया की खतरा होता है *ऐसे बहुत से लोग ब्लड देने से एनिमेनिया की खतरा होता है
ऐसे बहुत से लोग मानते हैं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है शरीर के अंदर 3 महीने के बाद दोबारा से एक नया रक्त बन जाता है अगर ब्लड डोनेशन नहीं कर रहे हैं तो शरीर में बनने वाला ब्लड अपने आप ही खत्म हो जाता है
जो लोग रेगुलर ब्लड देते रहते हैं वह दूसरे लोग की बजाय ज्यादा हैल्दी रहते हैं बहुत से लोगो का मानना है के अगर ब्लड देंगे तो पूरा दिन खराब होगा और
छुट्टी लेनी पड़ेगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है सिर्फ 40 से 45 मिनट बाद आप अपने ब्लड को देखकर फ्री हो सकते हो तो ब्लड डोनेशन करते रहिए और सुअश्त रहिए ।


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