जियो और जीने दो
एय ज़िन्दगी तुझसे हर कदम पर समझौता क्यों किया जाया !!
शौक ज़ीने का है मगर। इतना भी नही के मर मर के जिया जाये !
हर शक्श तुझे चाह्ता तो है। पर किसी को तुझ से मुहब्बत नही !!
काट जाएगा ये सफर दुःख या सुख में एक दिन इस बात में कोई शक नही !!
जिंदगी क्या होती है ? क्या एक जीने का नाम जिंदगी होता है चाहे कैसे भी हाल में रहो ?
अरे जीते तो जानबर भी है तो क्या जानबरों की भी ज़िन्दगी है ?
ज़ी हां..... !
ज़िन्दगी उस हर एक उस प्राणी की है जिस के अंदर प्राण है हर उस प्राणी को जीने का हक़ है जिसको ईशबर ने प्राण दिए है ! और ईशबर ने इस धरती पर एक साबसे बहतरीन प्राणी बानाया जिसे मानब कहते है और बो मानब हम है ! मानब को ईशबर ने एक खूबसूरत ढाचे में ढालकर इस दुनिया में भेजा है ! और मानब के अंदर हर बो चीज़ डाली है. जिस की मानब को आबश्यकता थी !
और मानब को ईशबर ने इतनी ताकत दी है के बो हर जानबर को अपना गुलाम बना सकता है ! इंसान को दिमाक दिया है जिस से बो कुछ भी कर सकता है ! लेकिन अब इस युग में देखे तो इंसान एक हेबान की तरहा बदतर होता जा रहा है ! अमीरो को और आमीर. होने की होड़ लगी और गरीब सोचता है के बस दो बक्त का खान कैसे भी नसीब हो जाये ! और अमीरो को आगे निकलने की होड़ लागि है इस दुनिया के अंदर ऐसे बहुत से लोग है जिन के पास इतनी सारी दोलात है के अगर कुछ भी काम ना करे और खूब ऐश आराम करे पूरी ज़िन्दगी पैसा खूब लुटाये फिर भी बह अपना और. अपने बच्चो का जीबन बड़ी अच्छी तरह गुजारा कर सकते है !
लेकिन नही। .....
बो गारीब की इस दुर्दसा को नही देखते की रातो में सोने के लिए घर नही है ! सड़को पर अपना गुजारा कर रहे है
बरसात में
अपना सर छुपाने को जगह नही ! अगर इस दुनिया. के आमीर लोग ये सोच ले की हम भी उतना ही जियेंगे जितना की एक गरीब इंसान जीता है या फिर ज्यादा से ज्यादा 60-70 साल ज्यादा जियेंगे ! लेकिन एक दिन दो तो मरना ही पड़ेगा. ! और जो ये धन सम्पति है ये उनके. जीबन काल से भी कई ज्यादा है बल्कि उनके बाच्चे भी खूब रहीसी के साथ अपना जीबन बिता सकते है इतनी धन माया है हमारे पास ये सोच ले की हमारे जीबन से भी ज्यादा हमारे पास धन है तो क्यों ना. हम थोड़ा गरीबो में बाँट दे ! जो बेचारे रातो को खा लिया. तो दिन का पता नही और. दिन को खा लिया तो रात को पता नही मिलेगा के नही ?
कोई बात नही मत दो ! अपना धन अपने पास राखो। ....
लेकिन कहते है ना " जिओ और जीने दो " इतना तो करो
गरीबो से उनका रोजगार तो मत छीनो ! जैसे की अब इंसानो को हटा कर अब मसीन काम कर रही है ! जहां 100 लोगो को रोजगार मिलता था बहा अब एक इंसान ही काम कर रहा है ! मजदूरो की मजदूरी मसीन ने छीन ली है ! जैसे तैसे कर के सरकार गरीबो तक कोई राहत साम्रगी पहुचाने की कोसिस करती है तो उन्हें भी गरीबो तक नही पहुचने दिया जाता है ! उसे भी बेच कर और अमीर बनना चाहते है उन्हें भूका रहने पर मज़बूर करते है. ! लेकिन ये सायद जानते नही के इस दुनिया को भी कोई चला रहा है। ....
किसी ने क्या खूब कहा है
मत सता किसी गरीब को , ये गरीब रो देगा !!
अगर जो ये गरीब की सुन ली खुदा ने ,
तो तू अपनी हस्ती खो देगा !
मगर ऐसा भी नही है के सारे ही आमीर लोग ऐसे हो कुछ ऐसे भी है जो इस दुनिया के अंदर गरीबो की खूब सेबा करते है !
भाइयो अगर हम गरीबो की मादत करेगे तो बो बेचारे हमें दुआए और उन दुआओ की जरूरत पड़ेगी जब हम ईशबर के सामने जाएंगे उनकी दुआए हमारी ढाल बनेंगी ! इस लिए सभी प्राणियों. पर दया करते रहो ! ये दुनिया ये हर इंसान को एक दिन रुक्सत होना है चाहे अमीर हो या गरीब । तो क्यों ना यदि हम से किसी की थोड़ी सी मदत हो सके तो करो । जिससे उन का जीबन भी एक खुसी के साथ बीत सके ।
pyarablog.blogspot.in
एय ज़िन्दगी तुझसे हर कदम पर समझौता क्यों किया जाया !!
शौक ज़ीने का है मगर। इतना भी नही के मर मर के जिया जाये !
हर शक्श तुझे चाह्ता तो है। पर किसी को तुझ से मुहब्बत नही !!
काट जाएगा ये सफर दुःख या सुख में एक दिन इस बात में कोई शक नही !!
जिंदगी क्या होती है ? क्या एक जीने का नाम जिंदगी होता है चाहे कैसे भी हाल में रहो ?
अरे जीते तो जानबर भी है तो क्या जानबरों की भी ज़िन्दगी है ?
ज़ी हां..... !
ज़िन्दगी उस हर एक उस प्राणी की है जिस के अंदर प्राण है हर उस प्राणी को जीने का हक़ है जिसको ईशबर ने प्राण दिए है ! और ईशबर ने इस धरती पर एक साबसे बहतरीन प्राणी बानाया जिसे मानब कहते है और बो मानब हम है ! मानब को ईशबर ने एक खूबसूरत ढाचे में ढालकर इस दुनिया में भेजा है ! और मानब के अंदर हर बो चीज़ डाली है. जिस की मानब को आबश्यकता थी !
और मानब को ईशबर ने इतनी ताकत दी है के बो हर जानबर को अपना गुलाम बना सकता है ! इंसान को दिमाक दिया है जिस से बो कुछ भी कर सकता है ! लेकिन अब इस युग में देखे तो इंसान एक हेबान की तरहा बदतर होता जा रहा है ! अमीरो को और आमीर. होने की होड़ लगी और गरीब सोचता है के बस दो बक्त का खान कैसे भी नसीब हो जाये ! और अमीरो को आगे निकलने की होड़ लागि है इस दुनिया के अंदर ऐसे बहुत से लोग है जिन के पास इतनी सारी दोलात है के अगर कुछ भी काम ना करे और खूब ऐश आराम करे पूरी ज़िन्दगी पैसा खूब लुटाये फिर भी बह अपना और. अपने बच्चो का जीबन बड़ी अच्छी तरह गुजारा कर सकते है !
लेकिन नही। .....
बो गारीब की इस दुर्दसा को नही देखते की रातो में सोने के लिए घर नही है ! सड़को पर अपना गुजारा कर रहे है
बरसात में
अपना सर छुपाने को जगह नही ! अगर इस दुनिया. के आमीर लोग ये सोच ले की हम भी उतना ही जियेंगे जितना की एक गरीब इंसान जीता है या फिर ज्यादा से ज्यादा 60-70 साल ज्यादा जियेंगे ! लेकिन एक दिन दो तो मरना ही पड़ेगा. ! और जो ये धन सम्पति है ये उनके. जीबन काल से भी कई ज्यादा है बल्कि उनके बाच्चे भी खूब रहीसी के साथ अपना जीबन बिता सकते है इतनी धन माया है हमारे पास ये सोच ले की हमारे जीबन से भी ज्यादा हमारे पास धन है तो क्यों ना. हम थोड़ा गरीबो में बाँट दे ! जो बेचारे रातो को खा लिया. तो दिन का पता नही और. दिन को खा लिया तो रात को पता नही मिलेगा के नही ?
कोई बात नही मत दो ! अपना धन अपने पास राखो। ....
लेकिन कहते है ना " जिओ और जीने दो " इतना तो करो
गरीबो से उनका रोजगार तो मत छीनो ! जैसे की अब इंसानो को हटा कर अब मसीन काम कर रही है ! जहां 100 लोगो को रोजगार मिलता था बहा अब एक इंसान ही काम कर रहा है ! मजदूरो की मजदूरी मसीन ने छीन ली है ! जैसे तैसे कर के सरकार गरीबो तक कोई राहत साम्रगी पहुचाने की कोसिस करती है तो उन्हें भी गरीबो तक नही पहुचने दिया जाता है ! उसे भी बेच कर और अमीर बनना चाहते है उन्हें भूका रहने पर मज़बूर करते है. ! लेकिन ये सायद जानते नही के इस दुनिया को भी कोई चला रहा है। ....
किसी ने क्या खूब कहा है
मत सता किसी गरीब को , ये गरीब रो देगा !!
अगर जो ये गरीब की सुन ली खुदा ने ,
तो तू अपनी हस्ती खो देगा !
मगर ऐसा भी नही है के सारे ही आमीर लोग ऐसे हो कुछ ऐसे भी है जो इस दुनिया के अंदर गरीबो की खूब सेबा करते है !
भाइयो अगर हम गरीबो की मादत करेगे तो बो बेचारे हमें दुआए और उन दुआओ की जरूरत पड़ेगी जब हम ईशबर के सामने जाएंगे उनकी दुआए हमारी ढाल बनेंगी ! इस लिए सभी प्राणियों. पर दया करते रहो ! ये दुनिया ये हर इंसान को एक दिन रुक्सत होना है चाहे अमीर हो या गरीब । तो क्यों ना यदि हम से किसी की थोड़ी सी मदत हो सके तो करो । जिससे उन का जीबन भी एक खुसी के साथ बीत सके ।
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